जनपद में नरेगा एक चमत्कार के रूप में देखा जा रहा है । गरीब, दलित ,आदिवासी सबके रोजी रोटी का आधार नरेगा । नक्सल प्रभावित इस जिले में सामंतों का राज था ,दिन भर काम के बाद मजदूरी के रूप में गाली और डंडे के सिवा कुछ नही मिलताथा । खेतों में दिन भर खून पसीना बहानें के बाद मजदूर को जलालत भी झेलनी पड़ती थी । महिला मजदूरों की क्या हालत थी यह किसी से छिपा नहीं हैं । पिछले तीन सालों से इस जिले में नरेगा की योजना संचालित है । इतने बड़े जिले में हर ग्राम पंचायतो में सब कुछ ठीक ठाक है यह तो दावा नही किया जा सकता लेकिन यहाँ जो कुछ हो रहा है उसकी इमानदारी पूर्वक समीक्षा तो होनी ही चाहिए । जहाँ ग़लत हो वहन ग़लत लिखा जाना चाहिए सच को सच लिखा जाना चाहिए । दुर्भावना व् निजी स्वार्थों को लिखते समय तिलांजलि देनी होगी तभी हम किसी भी लक्ष्य को पूरा कर सकते है ।
वर्तमान में इस जिले में नरेगा जिलाधिकारी पंधारी यादव ,मुख्य विकास अधिकारी डा.के .डी.राम व् परियोजना निदेशक हाकिम सिंह की देख रेख में संचालित हो रही है । ८ विकास खंडों व् ५०१ ग्राम पंचायतो में नरेगा के तहत काम कराये जा रहें हैं । बुरे लोग तो राम के राज्य में भी थे इसका अर्थ यह तो नहीं की सभी लोग ग़लत हो गये ।
राबर्ट्सगंज विकास खंड
इस विकास खंड में १०४ ग्राम पंचायतें हैं । इन ग्राम पंचायतो में ३५१ राजस्व ग्राम शामिल हैं । कमला कान्त पाण्डेय ब्लाक प्रमुख व् राघ वेंन्द्र तिवारी खंड विकास अधिकारी हैं । .नरेगा के तहत ब्लाक में हो रहे काम गाँव वालों की आशाओं पर खरे उतर रहें हैं । मरकरी ग्राम पंचायत में बंधी में चेक डेम व् स्टील गेट का निर्माण देखनें लायक है । पहली बार वहाँ के लोग इस सूखे में गावं की बंधी में लबालब पानी देखकर मगन हैं । ग्रामीण नरेगा के साथ साथ ब्लाक प्रमुख व् खंड विकाश अधिकारी की सराहना करते नहीं अघा रहे । सदर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत करारी पिछले कई वर्षो से तालाब खुदाई की मांग करती चली आ रही थी। क्षेत्र पंचायत प्रमुख व खण्ड विकास अधिकारी की सक्रियता से एक तालाब की खुदाई हुई। जनपद जब भीषण सूखे का सामना कर रहा था तो वहां तालाब में इकट्ठा पानी से किसान धान की रोपाई कर रहे थेे। धोबही,ओरगाई,सेन्दूरी,बुड़हर,पलिया, पुसौली आदि गॉंवों में तालाब की गहराई इस बात के सबूत हैं कि ग्राम पंचायतों में नरेगा के धन का सदुपयोग हुआ है। वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जहां करोंड़ों खर्च के बाद वनों की स्थिति दयनीय है वहीं विकास खण्ड द्वारा
ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगवाये गये केकराही , पलिया,बहुआर, विकास भवन के सामने लोढ़ी में लगाये गये ६० से लेकर ८० प्रतिशत तक वृक्ष वर्तमान में मौजूद हैंं। यह वृक्ष आने वाले दिनों में एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।इसी तरह क्षेत्र पंचायत की कई ग्राम पंचायतों में खेत, तालाब व बन्धी तथा उपयोगी चेकडैमों के निर्माण से किसानों की सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख कमला कान्त पाण्डेय का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए आये धन का सदुपयोग हो इसकी बराबर निगरानी की जाती है। १०४ ग्राम पंचायतों में नरेगा के धन का सदुपयोग हो इसके लिए खण्ड विकास अधिकारी प्रतिदिन सक्रिय रहते है। जहां भी किसी बात की शिकायत मिलती है मौके पर पहुंचकर उसका समाधान किया जाता है। विकास से जुड़े सभी ब्लाक के समस्त कर्मचारियों से हमेशा इस बात को याद कराया जाता रहता है कि किसी भी मजदूर की मजदूरी का बकाया प्राथमिकता के आधार पर किया जाय। खण्ड विकास अधिकारी राघवेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस बात को काफी गंभीरता से लिया जाता है कि धन का समुचित सदुपयोग हो। समस्त ग्राम प्रधानों व ग्राम विकास अधिकारियों , पंचायत सचिवों को प्रतिदिन निर्देश दिये जाते है कि अधिक से अधिक मजदूर परिवार लाभान्वित हों, नरेगा के लिये ग्राम पं
चायतों में जाब कार्ड धारकों को भी जागरूक किया जा रहा है ताकि उन्हें कोइे योजना के प्रति दिग्भ्रमित न कर सकेें। सिचंाई,वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खेत,तालाबों,आदर्श तालाबों के
निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। फर्जी मस्टरोल भरे जाने की शिकायत पर तत्काल जॉंच कर सही मजदूरी का भुगतान किया जाता है।
